जापान में आए सूनामी का असर अमेरिका तक महसूस किया जा रहा है। कैलिफोर्निया और ओरेगन में ढाई मीटर ऊंची लहरें उठ रही हैं। वहां से लोगों को सुरक्षित जगह ले जाया जा रहा है। कैलिफोर्निया के डेल नॉर्टे काउंटी में 25 साल के एक शख्स की मौत हो गई है।जापान के इतिहास के सबसे भयानक भूकंप और सूनामी के बाद शनिवार को फुकुशिमा डायची परमाणु संयंत्र में धमाके हो गया। जापानी समाचार एजेंसी एनएचके के मुताबिक फुकुशिमा प्लांट में हुए धमाके में कई लोगों के ज़ख़्मी होने की खबर है। जापान के चीफ कैबिनेट सेक्रेट्री एडानो ने फुकुशिमा प्लांट से रेडिएशन लीक की पुष्टि की है और बताया है दूसरे न्यूक्लियर प्लांट के क्षेत्र के १० किलोमीटर तक की दूरी का क्षेत्र खाली करवाया जा रहा है। जापान की क्योडो न्यूज ऐजेंसी ने बताया है कि वातावरण में रेडियो विकरण की मात्रा बीस गुना बढ़ गई है। धमाके के बाद प्लांट की दीवार और छत गिर गई है। जापान सरकार ने फुकुशिमा समेत दो ऐटमी प्लांटों में आपातकाल का ऐलान कर दिया है और 14,000 लोगों को परमाणु संयंत्रों के आसपास से हटाकर दूसरी जगहों पर भेजा गया है। इन ऐटमी प्लांटों के आसपास के दस किलोमीटर के इलाके को खाली करा दिया गया है। आईएईए ने एक बयान में कहा है कि डीज़ल जेनरेटरों के काम न करने की वजह से फुकुशिमा डाइची ऐटमी प्लांट को ठंडा करने में दिक्कत हो रही है। जापान के पांच परमाणु संयंत्र बंद कर दिए गए हैं। उधर, जापान में भूकंप का सिलसिला थम नहीं रहा है। शनिवार को 6.8 तीव्रता का एक और भूंकप जापान में महसूस किया गया है। शुक्रवार से अब तक जापान में भूकंप के १२४ झटके लग चुके हैं। जापान के १५० सालों के इतिहास के सबसे तेज भूकंप से जापान के एक दर्जन शहर तबाह हो गए हैं। कुदरत की इस तबाही की मार सबसे ज़्यादा सेंडाई शहर पर पड़ी है। सेंडाई की तेल रिफाइनरी में लगी आग पर अब तक काबू नहीं पाया जा सका है। करीब ४० लाख घर भूकंप और सूनामी की भेंट चढ़ गए।
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सोमवार, 14 मार्च 2011
जापान में 1600 मरे, परमाणु प्लांट में धमाका
जापान में आए सूनामी का असर अमेरिका तक महसूस किया जा रहा है। कैलिफोर्निया और ओरेगन में ढाई मीटर ऊंची लहरें उठ रही हैं। वहां से लोगों को सुरक्षित जगह ले जाया जा रहा है। कैलिफोर्निया के डेल नॉर्टे काउंटी में 25 साल के एक शख्स की मौत हो गई है।जापान के इतिहास के सबसे भयानक भूकंप और सूनामी के बाद शनिवार को फुकुशिमा डायची परमाणु संयंत्र में धमाके हो गया। जापानी समाचार एजेंसी एनएचके के मुताबिक फुकुशिमा प्लांट में हुए धमाके में कई लोगों के ज़ख़्मी होने की खबर है। जापान के चीफ कैबिनेट सेक्रेट्री एडानो ने फुकुशिमा प्लांट से रेडिएशन लीक की पुष्टि की है और बताया है दूसरे न्यूक्लियर प्लांट के क्षेत्र के १० किलोमीटर तक की दूरी का क्षेत्र खाली करवाया जा रहा है। जापान की क्योडो न्यूज ऐजेंसी ने बताया है कि वातावरण में रेडियो विकरण की मात्रा बीस गुना बढ़ गई है। धमाके के बाद प्लांट की दीवार और छत गिर गई है। जापान सरकार ने फुकुशिमा समेत दो ऐटमी प्लांटों में आपातकाल का ऐलान कर दिया है और 14,000 लोगों को परमाणु संयंत्रों के आसपास से हटाकर दूसरी जगहों पर भेजा गया है। इन ऐटमी प्लांटों के आसपास के दस किलोमीटर के इलाके को खाली करा दिया गया है। आईएईए ने एक बयान में कहा है कि डीज़ल जेनरेटरों के काम न करने की वजह से फुकुशिमा डाइची ऐटमी प्लांट को ठंडा करने में दिक्कत हो रही है। जापान के पांच परमाणु संयंत्र बंद कर दिए गए हैं। उधर, जापान में भूकंप का सिलसिला थम नहीं रहा है। शनिवार को 6.8 तीव्रता का एक और भूंकप जापान में महसूस किया गया है। शुक्रवार से अब तक जापान में भूकंप के १२४ झटके लग चुके हैं। जापान के १५० सालों के इतिहास के सबसे तेज भूकंप से जापान के एक दर्जन शहर तबाह हो गए हैं। कुदरत की इस तबाही की मार सबसे ज़्यादा सेंडाई शहर पर पड़ी है। सेंडाई की तेल रिफाइनरी में लगी आग पर अब तक काबू नहीं पाया जा सका है। करीब ४० लाख घर भूकंप और सूनामी की भेंट चढ़ गए।
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